28 फरवरी के बाद बदल जाएगी किस्मत! यूपी में इन कर्मचारियों को पक्की पुरानी पेंशन, NPS होगा खत्म

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला सामने आया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2005 में नियुक्ति के लिए चयनित कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) का लाभ मिलेगा। इसके लिए उनका एनपीएस खाता (NPS Account) 28 फरवरी को बंद कर दिया जाएगा।

विधान परिषद में उठे सवाल के जवाब में सरकार की ओर से राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों का चयन 2005 में हो गया था लेकिन जॉइनिंग बाद में हुई, उन्हें भी ओपीएस में शामिल किया जाएगा। एनपीएस बंद होने के बाद उनकी जमा राशि जीपीएफ (GPF Account) में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

क्या है पूरा मामला

प्रश्नकाल के दौरान सपा के सदस्य मानसिंह यादव ने सवाल उठाया कि सरकार ने पुरानी पेंशन लागू करने का शासनादेश (Government Order) जारी कर दिया है, लेकिन एनपीएस की राशि अभी तक जीपीएफ में स्थानांतरित नहीं हुई है। कर्मचारियों को लाभ कब मिलेगा, इस पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा गया।

सरकार ने जवाब दिया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 28 फरवरी को एनपीएस खाते बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को सीधे ओपीएस का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

पहले भी उठ चुका था मुद्दा

यह मामला दिसंबर 2025 में भी विधान परिषद में उठाया गया था। उस समय शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि माध्यमिक शिक्षा विभाग शासनादेश का सही पालन नहीं कर रहा है।

उन्होंने बताया था कि 28 मार्च 2005 से पहले जिन पदों का विज्ञापन जारी हुआ था, ऐसे हजारों शिक्षक और कर्मचारी पुरानी पेंशन के पात्र हैं, लेकिन उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा।

इस पर सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए एक महीने में निस्तारण का निर्देश दिया था।

कर्मचारियों का आंदोलन भी जारी

पुरानी पेंशन की मांग लंबे समय से जारी है। 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी भी ओपीएस बहाली (OPS Restoration) को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

हाल ही में बलिया में चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने प्रदर्शन किया और रैली निकालकर सरकार से जल्द फैसला लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक पेंशन लागू नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

किसे मिलेगा फायदा

सरकार के निर्णय के अनुसार मुख्य रूप से लाभ इन कर्मचारियों को मिलेगा –

  • जिनका चयन वर्ष 2005 में हो चुका था।
  • लेकिन नियुक्ति या जॉइनिंग बाद में हुई।
  • जो अभी तक एनपीएस के अंतर्गत थे।
  • जिनके लिए पूर्व में शासनादेश जारी हो चुका है।

कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फैसला

पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के बाद निश्चित मासिक पेंशन मिलती है, जबकि एनपीएस बाजार आधारित (Market Linked Pension) प्रणाली है। इसलिए कर्मचारी लंबे समय से ओपीएस की मांग कर रहे थे।

अब उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम से हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। 28 फरवरी के बाद जैसे ही एनपीएस खाते बंद होंगे, उन्हें स्थायी पेंशन का अधिकार मिल जाएगा।

सरकार के इस निर्णय को प्रदेश में कर्मचारियों के लिए बड़ा राहत पैकेज माना जा रहा है।

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