CTET Passing Marks Relaxation: देशभर में टीईटी (Teacher Eligibility Test) को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से सेवा दे रहे लेकिन टीईटी पास न कर पाने वाले शिक्षकों को अब नया मौका दिया गया है। न्यूनतम योग्यता के तौर पर लागू परीक्षा को लेकर सख्ती बरकरार है, लेकिन अब पासिंग मार्क्स में छूट और विशेष परीक्षा (Special TET Exam) का रास्ता खोल दिया गया है।
कोर्ट के फैसले से बढ़ी थी चिंता
हाल ही में Supreme Court of India ने स्पष्ट किया था कि टीईटी केवल औपचारिकता नहीं बल्कि शिक्षकों की आवश्यक योग्यता है। अदालत ने कहा कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए योग्य शिक्षक अनिवार्य हैं, इसलिए सभी कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी।
हालांकि कोर्ट ने उन शिक्षकों को राहत देते हुए दो साल का समय दिया जो पहले से सेवा में हैं (In-Service Teachers)। साथ ही यह संकेत भी दिया गया कि निर्धारित अवधि में टीईटी पास नहीं करने पर नौकरी और पदोन्नति दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इस आदेश के बाद कई राज्यों में हजारों शिक्षक असमंजस में आ गए थे।
केंद्र ने नहीं दी सामूहिक छूट
कोर्ट के बाद कई शिक्षक संगठनों ने टीईटी से छूट (TET Exemption) की मांग उठाई। लेकिन Government of India ने संसद में साफ किया कि टीईटी शिक्षा के अधिकार कानून के तहत तय न्यूनतम योग्यता है और इसे खत्म नहीं किया जा सकता।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नियम केवल नई भर्ती पर नहीं बल्कि पहले से नियुक्त शिक्षकों पर भी लागू रहेगा। इस बयान के बाद यह लगभग तय हो गया कि बिना टीईटी पास किए प्रमोशन या सेवा सुरक्षा मुश्किल होगी।
राज्य सरकार ने दिया राहत का रास्ता
इसी बीच Tamil Nadu सरकार ने व्यावहारिक समाधान निकालते हुए विशेष टीईटी आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को अवसर देना है जो वर्षों से पढ़ा रहे हैं लेकिन परीक्षा में सफल नहीं हो पा रहे थे।
यह परीक्षा कोर्ट के आदेश का पालन भी करेगी और शिक्षकों को नौकरी बचाने का मौका भी देगी। फैसले के बाद राज्य में परीक्षा की तैयारी तेज हो गई है।
पासिंग मार्क्स में बड़ी छूट (TET Passing Marks)
स्पेशल टीईटी में न्यूनतम अंक घटाकर शिक्षकों को राहत दी गई है —
- सामान्य वर्ग: 60%
- ओबीसी वर्ग: 50%
- एससी/एसटी वर्ग: 40%
तीन घंटे की परीक्षा अवधि तय की गई है ताकि अभ्यर्थी पूरा पेपर आराम से हल कर सकें। विशेष रूप से 40% पासिंग मार्क्स को सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
आगे अन्य राज्यों पर असर?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। जहां नियम भी लागू रहेगा और अनुभवी शिक्षकों की नौकरी भी सुरक्षित रह सकेगी।
फिलहाल यह फैसला उन हजारों शिक्षकों के लिए राहत बनकर आया है जो वर्षों से टीईटी पास करने की कोशिश में लगे थे। अब उनके पास नियम पूरा करने और करियर बचाने का एक वास्तविक अवसर मौजूद है।